उत्तर भारत में बारिश और ठंड का ‘डबल अटैक’: दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। जहाॅं एक तरफ पहाड़ो पर भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में झमाझम बारिश ने ठंड को और ज्यादा बढ़ा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 27 जनवरी 2026 के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण एक शक्तिशाली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ है जो हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है, जिसके कारण नमी और ठंडी हवाओं का मिलन हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप गरज के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और कई हिस्सों में मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो लखनऊ से लेकर मेरठ और सहारनपुर तक घने बादलों के साथ बारिश का दौर जारी है।

  • कोहरे का कहर: बारिश के साथ-साथ घने कोहरे ने Visibility को 50 मीटर से भी कम कर दिया है, जिससे रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ा है।
  • तापमान में गिरावट: दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर सकता है, जिससे ‘Cold Day’ जैसी स्थिति बनी हुई है।

पर्यावरण पर प्रभाव: प्रदूषण से राहत

प्रकृति और पर्यावरण के नजरिए से देखें तो यह बारिश दिल्ली-NCR के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। पिछले कई दिनों से हवा में जमा प्रदूषक कण (PM2.5 और PM10) इस बारिश के कारण नीचे बैठ गए हैं।

  • AQI में सुधार: विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के बाद Air Quality Index (AQI) में सुधार होगा और हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी से निकलकर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आ सकती है।
  • खेती को लाभ: यह बारिश फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि जनवरी के अंत में होने वाली यह बारिश फसलों को प्राकृतिक नमी प्रदान करती है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पिछले 48 घंटों से भारी बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी राज्यों में ठंड बढ़ा दी है। पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।

IMD की चेतावनी और बचाव के उपाय

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। IMD ने सलाह दी है कि:

  1. अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर घने कोहरे के समय।
  2. बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि ठंड और नमी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  3. किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए अपनी कटी हुई फसलों का भंडारण सुरक्षित स्थान पर करें।

निष्कर्ष

जनवरी के अंत में प्रकृति का यह रूप जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है। जहाॅं एक तरफ बारिश ने प्रदूषण से राहत दी है, वहीं ठंड के इस ‘डबल अटैक’ ने जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन सावधानी बरतना अनिवार्य है।


इसे भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न: बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण पर प्रहार, उत्तर भारत के 9 राजों में अलर्ट जारी


Leave a Comment