देश भर से आ रहे मौसम अपडेट के अनुसार, मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और लू से परेशान उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, आंधी और गरज के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस राहत के साथ कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है। दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी और प्री-मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश का दौर जारी है।
उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज
पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ रहे तापमान पर अचानक ब्रेक लग गया है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ हुई छिटपुट बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 2 से 3 दिनों तक बना रह सकता है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत मिलती रहेगी।
पूर्वोत्तर में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और दक्षिण भारत का हाल
जहां उत्तर भारत में बारिश राहत लेकर आई है, वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के लिए यह आफत बन रही है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी चक्रवातीय हवाओं के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी है।
देश भर के मौसम अपडेट की मुख्य बातें
पूरे देश के मौसम अपडेट की स्थिति को समझने के लिए इन प्रमुख बिंदुओं पर नजर डालें:
- दिल्ली-एनसीआर: धूल भरी आंधी और गरज के साथ बौछारें पड़ने से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
- ओलावृष्टि की चेतावनी: पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
- पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा: असम और मेघालय के निचले इलाकों में लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
- दक्षिण में तेज हवाएं: तटीय इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज आंधी की आशंका है, वहां पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के चलते खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए फिलहाल सिंचाई को रोकने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग रंग दिखाएंगे – कहीं गर्मी से राहत और आंधी-तूफान, तो कहीं भारी बारिश का दौर।
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