देश के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, गुजरात और महाराष्ट्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मानसून के इस सीजन में हो रही मूसलाधार बारिश ने देश के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। विशेषकर पश्चिमी भारत के दो प्रमुख राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश और जलभराव के कारण हालात काफी खराब हो गए हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों और मछुआरों को भी सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

गुजरात और महाराष्ट्र में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, यहां 204.5 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश हो सकती है।

लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर गुजरात और महाराष्ट्र के महानगरों और ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला है। अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों में जलभराव के कारण स्थानीय यातायात और रेल सेवाएं बाधित हुई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात को रोकना पड़ा, जिसे बाद में मलबा हटाकर बहाल किया गया।

देश के अन्य राज्यों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भारी बारिश की चेतावनी केवल पश्चिमी भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर उत्तर और पूर्वी भारत में भी देखा जा रहा है:

  • ऑरेंज अलर्ट वाले राज्य: बिहार, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है।
  • येलो अलर्ट वाले राज्य: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, केरल, असम और मेघालय में येलो अलर्ट जारी है, जहाँ 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।

मौसम के इस बदले मिजाज के कारण जैसलमेर जैसे अत्यधिक गर्म इलाकों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन जलभराव ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

आंधी-तूफान और बिजली का खतरा

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। कर्नाटक और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न जाएं।

मछुआरों और किसानों के लिए सख्त हिदायत

समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को देखते हुए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है और जो पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित तट पर लौटने को कहा गया है।

दूसरी ओर, किसानों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की गई है:

  1. खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
  2. भारी बारिश के दौरान फसलों में सिंचाई, खाद और कीटनाशकों का छिड़काव पूरी तरह टाल दें।
  3. कटी हुई फसलों और मवेशियों को सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखें।

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से केवल आधिकारिक बुलेटिनों पर भरोसा करने और बिना किसी जरूरी काम के जलभराव वाले क्षेत्रों में बाहर न निकलने का अनुरोध किया है।