महाराष्ट्रा: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में पानी की कमी और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को बिम्बला नदी सिंचाई परियोजना (Bembla River irrigation Project) के लिए ₹4,775 करोड़ की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय न केवल कृषि के लिए बल्कि क्षेत्र के गिरते Groundwater Level को सुधारने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विदर्भ का यवतमाल जिला, जो अक्सर सूखे और कृषि संकट के कारण चर्चा में रहता है, इस परियोजना का मुख्य केंद्र होगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
इस परियोजना का उद्देश्य केवल नहरें बनाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जिससे कृषि और पर्यावरण दोनों को लाभ मिले। यहाँ इस परियोजना के प्रमुख आंकड़े दिए गए हैं:
| विवरण (Description) | जानकारी (Details) |
| परियोजना का नाम | बेम्बला नदी सिंचाई परियोजना |
| कुल स्वीकृत राशि | ₹4,775 करोड़ (संशोधित) |
| लाभान्वित जिला | यवतमाल |
| लक्षित सिंचाई क्षेत्र | 52,423 से 58,768 हेक्टेयर |
| मुख्य लाभार्थी तहसीलें | बाभुलगाँव, नेर, कलंब, रालेगाँव और मारेगाँव |
| योजना का प्रकार | प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत शामिल |
दशकों का इंतजार हुआ खत्म
यह परियोजना पिछले कई दशकों से विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से लंबित थी। लागत में वृद्धि और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियों के कारण इसकी प्रगति धीमी हो गई थी। हालांकि, इसे केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत प्राथमिकता दी गई है।
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में, राज्य सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी देकर इसे ‘फास्ट ट्रैक’ पर डाल दिया है। अधिकारियों का मानना है कि धन की उपलब्धता से अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर पानी किसानों के खेतों तक पहुँच सकेगा।
पर्यावरण और कृषि पर प्रभाव
यह समझना जरूरी है कि यह परियोजना जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने में कैसे मदद कर सकती है:
1.सूखा शमन: यवतमाल जिला जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील है। अनियमित वर्षा के कारण यहाँ अक्सर फसलें बर्बाद होती हैं। यह परियोजना रबी और खरीफ दोनों मौसमों में पानी की सुनिश्चित आपूर्ति करेगी, जिससे ‘रेन-फेड एग्रीकल्चर’ (वर्षा आधारित खेती) पर निर्भरता कम होगी।
2.भूजल पुनर्भरण: इतनी बड़ी सिंचाई परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार होगा, जो स्थानीय जैव विविधता (Biodiversity) और हरियाली के लिए आवश्यक है।
3.फसल विविधीकरण: पानी की उपलब्धता से किसान कपास और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों के अलावा, बागवानी और औषधीय पौधों की खेती की ओर भी रुख कर सकेंगे, जो पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल हैं।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
बेम्बला परियोजना के अलावा, कैबिनेट बैठक में कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए जो राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं:
- रोजगार सृजन: युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ‘महिमा’ (MAHIMA) नामक एक विशेष एजेंसी का गठन।
- पुलिस कल्याण: मुंबई पुलिस के लिए वर्ली और बांद्रा में नई आवासीय टाउनशिप का निर्माण।
- ईवी प्रोत्साहन: अटल सेतु (MTHL) पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल माफी को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया गया, जो प्रदूषण कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
Bembla River irrigation Project से जुड़े सवाल (FAQs)
Q1: बेम्बला नदी सिंचाई परियोजना क्या है?
Ans: यह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है, जिसका उद्देश्य लगभग 52,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करना है।
Q2: इस परियोजना के लिए कितनी राशि मंजूर की गई है?
Ans: महाराष्ट्र कैबिनेट ने जनवरी 2026 में इसके लिए ₹4,775 करोड़ की संशोधित राशि मंजूर की है।
Q3: बेम्बला परियोजना से किन तहसीलों को लाभ मिलेगा?
Ans: इससे मुख्य रूप से बाभुलगाँव, नेर, कलंब, रालेगाँव और मारेगाँव तहसीलों को लाभ मिलेगा।
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