नई दिल्ली: लंबे समय से जहरीली हवा और घने कोहरे की चादर में लिपटी राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के लिए आज Delhi Weather Update उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान बिल्कुल सटीक साबित हुआ है और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ली है। आज दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में हल्की बारिश और हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जिससे न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि “गंभीर” श्रेणी में पहुंचे प्रदूषण से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
दिल्ली-NCR: हवाओं ने तोड़ा प्रदूषण का ‘लॉकडाउन’
पिछले कई दिनों से दिल्ली का Air Quality Index (AQI) 400 के पार बना हुआ था, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी माना जाता है। ग्रैप (GRAP) की पाबंदियों के बावजूद धुंध की परत हटने का नाम नहीं ले रही थी। हालांकि, आज सुबह से आसमान में छाए बादलों और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने फिजा बदल दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज दिन भर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। यह बारिश वातावरण में जमे हुए पीएम 2.5 और पीएम 10 (PM 2.5 & PM 10) जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठाने का काम करेगी। इसे ‘वाशआउट इफेक्ट’ कहा जाता है। उम्मीद की जा रही है कि शाम तक दिल्ली का AQI सुधरकर ‘खराब’ या ‘मध्यम’ श्रेणी में आ सकता है, जिससे लोगों को सांस लेने में हो रही तकलीफ से राहत मिलेगी।
उत्तर भारत के 9 राज्यों में हाई अलर्ट

मौसम में यह बदलाव केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कुल 9 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर दिख रहा है।
- पहाड़ी राज्य (बर्फबारी और बारिश): जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन (Landslide) और रास्तों के बंद होने को लेकर चेतावनी दी है।
- मैदानी राज्य (तूफान और बारिश): पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ छींटे पड़ने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। राजस्थान के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है।
तापमान में गिरावट और ठंड की वापसी

जनवरी के अंतिम सप्ताह में अमूमन ठंड कम होने लगती है, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने ठंड की विदाई को फिलहाल टाल दिया है। बादलों की वजह से हालांकि न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन दिन के अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) में भारी गिरावट आने के आसार हैं। तेज हवाओं के कारण ‘विंड चिल फैक्टर’ बढ़ गया है, जिससे घर से बाहर निकलने पर सिहरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश थमने के बाद, जब उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में चलेंगी, तो अगले 2-3 दिनों तक सुबह और रात की ठंडक एक बार फिर बढ़ सकती है।
किसानों के लिए दोहरी स्थिति
यह बदलता मौसम किसानों के लिए चिंता और राहत दोनों लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, हल्की बारिश गेहूं और सरसों जैसी रबी की फसलों के लिए ‘अमृत’ समान है। यह फसलों को प्राकृतिक सिंचाई प्रदान करेगी और दानों को भरने में मदद करेगी।
हालांकि, जिन इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) या बहुत तेज आंधी की चेतावनी है, वहां फसलों को नुकसान पहुंचने का डर भी है। विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। राजस्थान और पश्चिमी यूपी में सरसों की फसल को तेज हवाओं से आंशिक नुकसान हो सकता है।
यातायात और हवाई सेवाओं पर असर
खराब मौसम का असर यातायात सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। विजिबिलिटी कम होने और रनवे पर फिसलन के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानों में देरी की खबर है। इसी तरह, उत्तर रेलवे की कई ट्रेनें, जो पहले से ही कोहरे की मार झेल रही थीं, अब बारिश के कारण और विलंब से चल रही हैं। पहाड़ी राज्यों में जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का अपडेट चेक करने के बाद ही अपनी यात्रा प्लान करें, क्योंकि कई राजमार्ग बर्फबारी के कारण बंद किए जा सकते हैं।
प्रशासन की तैयारी और स्वास्थ्य सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने भी कमर कस ली है।जलभराव की संभावित समस्या से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) और अन्य एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने इस मौसम में वायरल बुखार और सांस संबंधित बीमारियों के बढ़ने की आशंका जताई है। डॉक्टरों की सलाह है कि तापमान में आए इस अचानक बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गो का विशेष ध्यान रखें और गर्म कपड़ों का प्रयोग बंद न करें। बारिश में भीगने से बचें क्योंकि यह मौसमी बीमारियों को न्योता दे सकता है।
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