आज का मौसम 13 जुलाई: उत्तर भारत में मानसून पड़ा कमजोर, दिल्ली में उमस भरी गर्मी, पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में इन दिनों मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 13 जुलाई 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज का मौसम कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इस लेख में हम आपको देशभर के मौसम का विस्तृत अपडेट दे रहे हैं, ताकि आप अपनी यात्रा और दिनचर्या की योजना सही ढंग से बना सकें।

मानसून ट्रफ की वर्तमान स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर और मुजफ्फरपुर से होते हुए दक्षिण असम तक फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और पूर्वोत्तर बिहार के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के कारण आज का मौसम देश के अलग-अलग हिस्सों में भिन्न बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में मानसून पड़ा कमजोर

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल बारिश की कोई खास संभावना नहीं है। मानसून के कमजोर पड़ने से दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी का दौर फिर से शुरू हो गया है।

  • तापमान: अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
  • हवाएं: हालांकि आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश के आसार कम हैं। राहत की बात यह है कि 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं (जो कभी-कभी 40 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं), जिससे उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है।
  • राजस्थान का हाल: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां ठप होने से गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। फलोदी में अधिकतम तापमान 41°C तक दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक रहा। अगले कुछ दिनों तक यहां गर्मी और उमस बरकरार रहने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’

आज का मौसम पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए काफी संवेदनशील है। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

  • बारिश का अनुमान: इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
  • अलर्ट: मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों व नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन का सिलसिला जारी

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

  • सड़कें बंद: भूस्खलन के कारण 126 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। स्याना चट्टी के पास मलबा गिरने से ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हुआ है।
  • चेतावनी: प्रशासन ने राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त अपील की है।

इन राज्यों में जारी है ‘येलो अलर्ट’

देश के कई अन्य राज्यों में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

  • अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा और सिक्किम के कई इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है।

किसानों और मछुआरों के लिए विशेष एडवाइजरी

मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • मछुआरों के लिए: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसलिए, मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
  • किसानों के लिए: भारी बारिश वाले इलाकों (जैसे बिहार, असम) के किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इस दौरान कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें। वहीं, जहां गर्मी अधिक है (जैसे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर), वहां किसानों को जरूरत के अनुसार सिंचाई करने और खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

आज का मौसम देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग चुनौतियां लेकर आया है। उत्तर भारत में जहां गर्मी से खुद को बचाकर रखने की जरूरत है, वहीं पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में बारिश व भूस्खलन से सतर्क रहने की आवश्यकता है। घर से बाहर निकलने से पहले मौसम विभाग की चेतावनियों पर जरूर ध्यान दें।