भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज इन दिनों कुछ अलग ही रंग दिखा रहा है। मानसून के इस मौसम में जहां कुछ राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का कहर है, वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां लोग बारिश की एक बूंद के लिए भी तरस रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और भी मजबूत हो गया है, जिसके चलते देश के 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि देश का एक बड़ा हिस्सा अब भी भीषण गर्मी, लू और चिपचिपी उमस से जूझ रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक मौसम का क्या हाल है और किन राज्यों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
ओडिशा और तटीय क्षेत्रों में ‘रेड अलर्ट’
मौसम प्रणाली में हुए बदलाव का सबसे बड़ा असर पूर्वी भारत पर पड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय और मजबूत बना हुआ है।
इस मौसमी गतिविधि के कारण ओडिशा के मौसम पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून कमजोर, उमस ने किया बेहाल
एक तरफ जहां पूर्वी भारत पानी-पानी हो रहा है, वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग आसमान में बादलों की आवाजाही तो देख रहे हैं, लेकिन झमाझम बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
आंकड़ों की बात करें तो हरियाणा का भिवानी जिला 42.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम जानकारों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी से कोई खास राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
दक्षिण भारत में लू की चौंकाने वाली चेतावनी
आमतौर पर जुलाई के महीने में दक्षिण भारत में अच्छी बारिश होती है, लेकिन इस बार मौसम ने वहां भी लोगों को चौंका दिया है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में तापमान में भारी इजाफा देखा जा रहा है। यहां के निवासियों को दिन के समय घर से बाहर न निकलने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी गई है। बरसात के मौसम में दक्षिण के राज्यों में लू का यह अलर्ट जलवायु में हो रहे अप्रत्याशित बदलावों की ओर इशारा करता है।
इन राज्यों के लिए जारी हुआ ‘येलो अलर्ट’
कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के प्रभाव के कारण, मौसम विभाग ने कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन राज्यों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड में तेज बारिश के साथ-साथ भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
- पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में मध्यम से भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
- पूर्वोत्तर भारत: असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
इन सभी राज्यों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग की सलाह
कुल मिलाकर देखा जाए तो देश का वर्तमान मौसम विरोधाभासों से भरा हुआ है। अगर आप ओडिशा, बिहार, झारखंड या पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो भारी बारिश का अलर्ट ध्यान में रखते हुए ही घर से निकलें। वहीं, अगर आप दिल्ली, हरियाणा या दक्षिण भारत में हैं, तो लू और उमस से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे और अपनी सेहत का खास ख्याल रखें।
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