देश का मौसम इन दिनों काफी उठापटक वाला बना हुआ है। जहां एक तरफ श्रीगंगानगर में गर्मी का कहर लोगों को परेशान कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी और मध्य भारत के साथ-साथ पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल और किसानों के लिए क्या हैं जरूरी सलाह।
श्रीगंगानगर में गर्मी का कहर
भले ही देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है, लेकिन राजस्थान के श्रीगंगानगर में गर्मी का कहर जारी है। यहाँ का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जो कि देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। रात के तापमान में भी असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान की बात करें, तो वह असम के हाफलोंग में 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बंगाल की खाड़ी में नई हलचल
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 अगस्त के आसपास यह एक कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इस नए सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा समेत पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.5 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ खिसक गया है।
पूर्वोत्तर समेत इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर में जोरदार बारिश हुई है। यूपी के हमीरपुर में 130 मिलीमीटर और संभल में 100 मिलीमीटर पानी बरसा है। वहीं, त्रिपुरा और मिजोरम में भी 100 से 150 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी
बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में भी 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
किसानों के लिए क्या है मौसम विभाग की सलाह?
लगातार हो रही बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए कुछ विशेष सावधानियां जारी की हैं:
- जल निकासी: खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करें।
- फसल की कटाई: जो फसलें पककर तैयार हैं, उन्हें मौसम को ध्यान में रखते हुए ही काटें। कटी हुई फसलों को खुले में छोड़ने के बजाय किसी सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें।
- सिंचाई और छिड़काव से बचें: बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई करने और किसी भी प्रकार के कीटनाशक या खाद के छिड़काव से बचें।
- पौधों को सहारा: तेज हवाओं से कमजोर पौधों जैसे केले और सब्जियों को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए उन्हें बांस या लकड़ी का सहारा दें।
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