नेपाल की बाढ़ से बिहार में मंडराया खतरा, मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हैं, जिसके चलते कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जहां एक तरफ झमाझम बारिश के कारण लोगों को उमस से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारत, विशेषकर बिहार की चिंताए बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसमी गतिविधियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगर आप भी घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए मौसम का यह ताजा अपडेट जानना बेहद जरूरी है।

नेपाल की बाढ़ से बिहार में मंडराया खतरा

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में हो रही लगातार भारी बारिश का सीधा असर बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। नेपाल से आने वाला पानी बिहार की प्रमुख नदियों, खासकर गंडक और गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि ला रहा है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा:

  • वाल्मीकिनगर बैराज पर दबाव: गंडक नदी वाल्मीकिनगर के रास्ते बिहार में प्रवेश करती है। नेपाल में बारिश के चलते वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है।
  • निचले इलाकों में अलर्ट: गंडक और गंगा नदी के उफान पर होने के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सीवान जैसे जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ और भू-कटाव का खतरा मंडराने लगा है।
  • छपरा और हाजीपुर पर नजर: गंडक नदी सारण जिले से होते हुए हाजीपुर के करीब गंगा में मिलती है, इसलिए प्रशासन छपरा और उसके आसपास के इलाकों में भी जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए है।

प्रशासन ने नदी के किनारे बसे लोगों को तुरंत सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है, जिसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। मानसून की ट्रफ लाइन भी उत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

इस मौसमी सिस्टम के कारण मौसम विभाग ने इन राज्यों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है:

  • उत्तर और मध्य भारत: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा, पश्चिम बंगाल (पहाड़ी इलाके), सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • दक्षिण भारत: केरल में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनी

सिर्फ बारिश ही नहीं, मौसम विभाग ने तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।

  • तेज हवाएं: बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में हवा की गति 40 से 50 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
  • बिजली गिरने का खतरा: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।

कैसा रहेगा दिल्ली-एनसीआर का मौसम?

राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) के लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आसमान में बादल छाए रहने और सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।

  • तापमान: अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
  • हवा की स्थिति: दक्षिण-पूर्व दिशा से 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं।

किसानों और आम जनता के लिए मौसम विभाग की खास एडवाइजरी

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने कुछ विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है:

किसानों के लिए सलाह:

  1. खेतों में जलभराव न होने दें, पानी निकासी का उचित प्रबंध करें ताकि फसलें खराब न हों।
  2. तेज हवा और बारिश के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
  3. मौसम खराब होने पर कीटनाशकों (Pesticides) या उर्वरकों का छिड़काव बिल्कुल न करें।

आम जनता के लिए सतर्कता:

  1. जलभराव वाले स्थानों, खुले नालों, नदियों और तालाबों के पास जाने से बचें।
  2. आकाशीय बिजली चमकने या बादल गरजने पर पेड़ों के नीचे या खुले में खड़े न हों, तुरंत किसी पक्की इमारत में शरण लें।
  3. बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीने का पानी, जरूरी दवाइयां और सूखा राशन पहले से स्टॉक कर लें।
  4. अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन या प्रशासन की सूचनाओं का ही पालन करें।