IIT रुड़की हिमालयी जलवायु शोध: हिमालयी मौसम प्रणालियों में उभरते जलवायु संकेतों का खुलासा

IIT रुड़की हिमालयी जलवायु शोध

IIT रुड़की हिमालयी जलवायु शोध 2026 के रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने हिमालयी क्षेत्र की मौसम प्रणालियों पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन प्रकाशित किया है। इस शोध में यह बात सामने आई है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय के ऊपर बनने वाले वेदर पैटर्न में अब स्पष्ट और चिंताजनक “क्लाइमेट सिग्नल्स” दिखाई देने लगे हैं, जो … Read more

जलवायु परिवर्तन और जंगलों की आग: नाइट्रोजन प्रदूषण का बढ़ता वैश्विक संकट

जलवायु परिवर्तन और जंगलों की आग

विशेष रिपोर्ट: हाल ही में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Nature में प्रकाशित एक शोध ने दुनिया भर के पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है। शोध के अनुसार, अमेरिका में जलवायु परिवर्तन के कारण जंगलों में लगने वाली भीषण आग अब केवल पेड़ों और वन्यजीवों को ही नष्ट नहीं कर रही, बल्कि वायुमंडल में ‘नाइट्रोजन डिपोजिशन’ के … Read more

World Wetlands Day 2026: भारत का बढ़ता रामसर नेटवर्क और संरक्षण का संकल्प

World Wetlands Day 2026

दुनिया भर में हर साल 2 फरवरी को “विश्व आर्द्रभूमि दिवस” (World Wetlands Day) मनाया जाता है। यह दिन उस महत्वपूर्ण समझौते की याद दिलाता है जो 1971 में ईरान के रामसर शहर में आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए हुआ था। साल 2026 का यह अवसर भारत के लिए अत्यंत गौरवशाली है, क्योंकि देश ने … Read more

हिमालय का अस्तित्व: जम्मू-कश्मीर की घाटियों में ‘वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट’ बना ढाल

Solid Waste Management in Jammu and Kashmir

श्रीनगर: हिमालय की गगनचुंबी चोटियां और जम्मू-कश्मीर की मखमली घाटियां केवल पर्यटन का कैन्द्र नहीं है, बल्कि ये एक अत्यंत नाजुक इकोसिस्टम का हिस्सा है। पिछले कुछ दशकों में बढ़ते शहरीकरण, अनियंत्रित पर्यटन और बदलती जीवनशैली ने इन शांत वादियों के सामने कचरे का एक विशाल पहाड़ खड़ा कर दिया है। इस गंभीर संकट से … Read more

आज की रात होगा ‘Snow Moon’ का दीदार: जानें भारत में दिखने का सही समय और माघ पूर्णिमा का खास संयोग

Snow Moon 2026 India

नई दिल्ली: खगोल प्रेमियों के लिए आज की रात बेहद खास होने वाली है। साल 2026 का दूसरा और फरवरी महिने का पहला पूर्ण चंद्रमा, जिसे दुनिया भर में ‘स्नो मून’ (Snow Moon) के नाम से जाना जाता है, आज रात आसमान की शोभा बढ़ाएगा। भारत में यह नजारा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि … Read more

अपने घर में ऑक्सीजन बढ़ाने वाले 10 पौधे लगाने का तरीका और फायदे जानें

घर में ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधे

आधुनिक जीवनशैली में हम अपना 90% समय चारदीवारी के अंदर बिताते है, जहाॅं हवा बाहर की तुलना में अधिक प्रदूषित हो सकती है। “Sick Building Syndrome” जैसी समस्याओं से बचने और घर के भीतर ताजी ऑक्सीजन के लिए सबसे प्राकृतिक उपाय है, Indoor Plants। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि घर के अंदर … Read more

National Geographic Day 2026: अन्वेषण, विज्ञान और हमारी बदलती धरती के संरक्षण का संकल्प

National Geographic Day 2026

आज 27 जनवरी है। आज का दिन दुनिया भर के प्रकृति प्रेमियों, वैज्ञानिकों और जिज्ञासुओं के लिए बेहद खास है क्योंकि आज ‘नेशनल ज्योग्राफिक दिवस’ (National Geographic Day) मनाया जा रहा है। यह दिन न केवल भूगोल के प्रति हमारे प्रेम को दर्शाता है, बल्कि यह उस संस्था के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी अवसर … Read more

महाराष्ट्र कैबिनेट ने बेम्बला नदी परियोजना के लिए ₹4,775 करोड़ को दी मंजूरी, 52,000 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

bembla river irrigation project

महाराष्ट्रा: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में पानी की कमी और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को बिम्बला नदी सिंचाई परियोजना (Bembla River irrigation Project) के लिए ₹4,775 करोड़ की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय न केवल कृषि … Read more

जानवर नमक कैसे खाते हैं? जानिए वे अपने खाने में नमक की कमी कैसे पूरी करते हैं

जानवर नमक कैसे खाते हैं

हम इंसान अपने खाने में स्वाद और सेहत के लिए नमक (Salt) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जंगल में जानवर नमक कैसे खाते हैं? वहाॅं न तो कोई किराने की दुकान होती है और न ही कोई उनके चारे में ऊपर से नमक छिड़कने वाला। नमक, या वैज्ञानिक भाषा … Read more

Save Soil: मिट्टी बचाओ अभियान और हमारे जीवन में इसका महत्व (2026)

Save Soil campaign and its importance 2026

आज हमारी धरती एक गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, और इस संकट की जड़ में एक ऐसी चीज है जिसे हम रोज देखते है लेकिन उसकी अहमियत को अक्सर अनदेखा कर देते है – मिट्टी। Save Soil यानी मिट्टी बचाओ केवल एक नारा नही है, बल्कि यह इंसानी सभ्यता के अस्तित्व को … Read more