हमारे आंगन की चहचहाहट कहाँ गई? जानिए गौरैया के गायब होने के पीछे का कारण और वर्तमान में किए जा रहे इनके संरक्षण के लिए प्रयास

गौरैया के गायब होने के कारण

हमारे आंगन और छतों पर फुदकने वाली गौरेया आज एक दुर्लभ पक्षी बनती जा रही है। पर्यावरण प्रेमी और वैज्ञानिक लंबे समय से गौरैया के गायब होने के कारण तलाशने और इनके संरक्षण पर काम कर रहे है। इसी दिशा में दिल्ली के गढ़ी मांडू वन क्षेत्र में एक अनोखा ‘गौरैया ग्राम’ बनाया गया था। … Read more

समुद्री कछुओं पर मंडराता विलुप्ति का खतरा: प्लास्टिक प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन बन रहे सबसे बड़े कारण

समुद्री कछुए

समुद्री कछुए हमारी पृथ्वी के सबसे प्राचीन जीवों में से एक है, जो लाखों सालों से महासागरों में रहते आ रहे हैं। लेकिन आज के समय में मानवीय गतिविधियों के कारण इनका भविष्य गंभीर खतरें में है। प्लास्टिक प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन ने इन शांत जीवों के जीवन को खतरें में डाल दिया है। एक … Read more

क्यों तेजी से विलुप्त हो रहे हैं गिद्ध और शिकारी पक्षी? जानिए इसके कारण और पर्यावरण पर मंडराता खतरा

गिद्धों की घटती आबादी

आसमान के राजा कहे जाने वाले बाज, चील और गिद्ध जैसे शिकारी पक्षी आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। हाल ही में सामने आई कई वैज्ञानिक रिपोर्टों और अध्ययनों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में शिकारी पक्षियों और गिद्धों की घटती आबादी अन्य पक्षियों की तुलना में कहीं … Read more

कुनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारियां: भारतीय मूल की मादा चीता ने दिया 4 शावकों को जन्म, प्रोजेक्ट चीता ने रचा इतिहास

कुनो नेशनल पार्क चीता न्यूज

कुनो नेशनल पार्क चीता न्यूज: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कुनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों और पूरे देश के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। भारत के “प्रोजेक्ट चीता कार्यक्रम” ने एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने इस पूरे अभियान की सफलता पर मुहर लगा दिया है। भारतीय धरती पर … Read more

क्या बदल रहा है जंगल का कानून? नेपाल के लापची घाटी में 3 बड़े शिकारियों के एक-साथ रहने के पीछे क्या है कारण?

लापची घाटी के शिकारी

नेपाल के लापची घाटी में तीन बड़े शिकारी – तेंदुआ, हिम तेंदुआ और हिमालयी भेड़िया संसाधनों का बंटवारा कर एक साथ रह रहे हैं। नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में मौजूद लापची घाटी एक बहुत ही विशेष स्थान है। यहाॅं पर तीन बड़े मांसाहारी जानवर साथ रह रहे हैं इनमें तेंदुआ, हिम तेंदुआ और हिमालयी भेड़िया … Read more

यूपी के वेटलैंड्स में फिर गूंजे सारस के गीत: 12 सालों में 5 गुना बढ़ी राज्य पक्षी की आबादी, किसानों की मेहनत लाई रंग

सारस संरक्षण

पूर्वी उत्तर प्रदेश के खेतों और वेटलैंड्स (आर्द्रभूमियों) से पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर आई है। उत्तर प्रदेश के पक्षी “सारस” जिनकी संख्या कभी तेजी से घट रही थी, वे अब फिर से चहकने लगे हैं। पिछले 12 सालों के अथक प्रयासों, वन विभाग की मुस्तैदी और स्थानीय किसानों की … Read more

लुप्तप्राय ‘बंगाल फ्लोरिकन’ को बचाने की जद्दोजहद: कंबोडिया के कैप्टिव ब्रीडिंग माॅडल से नेपाल की उम्मीदें

बंगाल फ्लोरिकन

दुनिया भर में पक्षियों की कई प्रजातियां आज मानवीय गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन के कारण विलुप्ति के कगार पर खड़ी हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत संकटग्रस्त पक्षी है “बंगाल फ्लोरिकन” (Bengal Florican), जिसे नेपाल में स्थानीय भाषा में “चरस” के नाम से जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के आंकड़ों के अनुसार, … Read more

रेल पटरियों पर हाथियों को बचाने का “मास्टर प्लान”: 14 राज्यों के 77 संवेदनशील रेल खंडो की होगी कायापलट

Elephant safety on rail tracks

भारतीय रेलवे और पर्यावरण मंत्रालय ने रेल पटरियों पर हाथियों के रेल-एक्सीडेंट में होने वाले मृत्यु दर को रोकने के लिए 705 शमन संरचनाएं और AI आधारित तकनीक पूर्व चेतावनी प्रणाली का रोडमैप तैयार किया है। जानिए किन 14 राज्यों में लागू होंगे ये नियम और कैसे सुरक्षित होगा हाथी गलियारा। नई दिल्ली: भारत में … Read more

पिघलती बर्फ के कारण ध्रुवीय भालू आर्कटिक से गायब होते जा रहे हैं: जानें 2026 की ताजा रिपोर्ट

आर्कटिक से गायब हो रहे हैं ध्रुवीय भालू

आर्कटिक की बर्फीली दुनिया के राजा कहे जाने वाले ध्रुवीय भालू आज एक ऐसे संकट से गुजर रहे हैं, जो उनके नियंत्रण से बाहर है। जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि ने उनके प्राकृतिक आवास को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। साल 2026 की ताजा वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार, अगर … Read more

मानव वन्यजीव संघर्ष: ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा कवच बनती आधुनिक बाड़बंदी

मानव वन्यजीव संघर्ष

भारत जैसे विशाल जैव-विविधता वाले देश में मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व हमेशा से एक चुनौती रहा है। हाल के सालों में बढ़ती मानव जनसंख्या, जंगलों के सिमटने और वन्यजीवों के गलियारों में मानवीय हस्तक्षेप के कारण “मानव वन्यजीव संघर्ष” की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, हर साल सैंकड़ों लोग … Read more