भारत में मानसून अब अपने पूरे उफान पर है और कई राज्यों में आफत बनकर बरस रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही है। अगर आप घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि मौसम विभाग ने किन राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
रेड अलर्ट: इन राज्यों में मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी यानी ‘रेड अलर्ट’ देश के पूर्वी हिस्सों के लिए जारी किया है।
- प्रभावित क्षेत्र: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम।
- स्थिति: इन क्षेत्रों में 204.5 मिलीमीटर से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और भूस्खलन व अचानक आने वाली बाढ़ से सतर्क रहने की हिदायत दी है।
ऑरेंज अलर्ट: इन राज्यों में बरपेगा मानसून का कहर
देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट ‘ऑरेंज अलर्ट’ के रूप में जारी किया गया है। इसका मतलब है कि लोगों को खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए।
- प्रभावित क्षेत्र: कोंकण और गोवा (मुंबई सहित), मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।
- मुंबई का हाल: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में पहले से ही भारी बारिश के कारण यातायात ठप है और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
- बारिश का अनुमान: इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक पानी बरस सकता है।
येलो अलर्ट: दिल्ली-एनसीआर समेत यहां भी होगी बारिश
उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम सुहावना लेकिन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। यहाँ येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सचेत किया गया है।
- प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, विदर्भ, सौराष्ट्र और कच्छ।
- स्थिति: इन इलाकों में तेज हवाओं (30-40 किलोमीटर प्रति घंटा) और गरज-चमक के साथ 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।
मौसम के बिगड़ने का मुख्य कारण क्या है?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ‘कम दबाव का क्षेत्र’ (Low-pressure area) सक्रिय है। इसी के साथ एक मौसमी ट्रफ राजस्थान से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जो भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का कारण बन रही है।
समुद्री तूफ़ान की चेतावनी
तटीय इलाकों (खासकर कोंकण, गुजरात और कर्नाटक तट) में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
किसानों और आम लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जलभराव से बचें: जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ो के नीचे शरण न लें।
- किसानों के लिए: खेतों में पानी इकट्ठा न होने दें, जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। अभी कीटनाशकों का छिड़काव न करें और कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित व सूखे स्थान पर ले जाएं।
- यात्रा की योजना: पहाड़ो या तटीय इलाकों की यात्रा करने से पहले मौसम की सटीक जानकारी जरूर लें।
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