हम इंसान अपने खाने में स्वाद और सेहत के लिए नमक (Salt) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जंगल में जानवर नमक कैसे खाते हैं? वहाॅं न तो कोई किराने की दुकान होती है और न ही कोई उनके चारे में ऊपर से नमक छिड़कने वाला।
नमक, या वैज्ञानिक भाषा में कहें तो सोडियम (Sodium), केवल स्वाद के लिए ही नही, बल्कि जीवन जीने के लिए भी बहुत जरूरी है। चाहे वह शेर हो, हाथी हो या पालतू गाय, हर जीव को जीवित रहने के लिए नमक की जरूरत होती है।
दोस्तों इस लेख में, हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर जानवरों को अपने खाने में नमक की मात्रा कैसे मिलती है, जानवर नमक की कमी को कैसे पूरा करते हैं और प्रकृति ने इसके लिए क्या अद्भुत इंतजाम किए हैं।
जानवरों के लिए नमक (सोडियम) क्यों जरूरी है?
इससे पहले कि हम यह जानें कि वे नमक कैसे प्राप्त करते हैं, यह समझना जरूरी है कि उन्हें इसकी आवश्यकता क्यों होती है। University of Hawaii के अनुसार, सोडियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट है। यह निम्नलिखित कार्यों में मदद करता है:
- मांसपेशियों का संचालन (Muscle Function): मांसपेशियों के सिकुड़ने और फैलने के लिए सोडियम आवश्यक है।
- तंत्रिका तंत्र (Nervous System): दिमाग से शरीर के अंगों तक संकेत भेजने (Nerve impulses) के लिए सोडियम का होना जरूरी है।
- पानी का संतुलन (Water Balance): शरीर की कोशिकाओं में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में नमक मुख्य भूमिका निभाता है।
- पाचन क्रिया: पेट में भोजन को पचाने वाले एसिड (Hydrochloric acid) के निर्माण में क्लोराइड (जो नमक का हिस्सा है) मदद करता है।
यदि किसी जानवर के शरीर में सोडियम की कमी हो जाए, तो वह कमजोर हो सकता है, उसकी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और गंभीर मामलों में उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
1. मांसाहारी जानवरों को नमक कैसे मिलता है?

शेर, बाघ, तेंदुए, और भेड़िये जैसे मांसाहारी जानवरों (Carnivores) के लिए नमक प्राप्त करना कोई बड़ी चुनौती नहीं है। प्रकृति ने उनके भोजन में ही इसका इंतजाम कर दिया है।
- शिकार का मांस और खून: मांसाहारी जानवर जिन शाकाहारी जानवरों (जैसे हिरण, जेबरा, भैंस) का शिकार करते हैं, उनके मांस और विशेषकर खून (Blood) में पर्याप्त मात्रा में सोडियम मौजूद होता है।
- प्राकृतिक संतुलन: चूंकि शाकाहारी जानवर पहले से ही पौधों और खनिजों से नमक इकट्ठा कर चुके होते हैं, इसलिए जब शेर उन्हें खाता है, तो वह नमक सीधे शेर के शरीर में पहुँच जाता है। यही कारण है कि आप शायद ही कभी किसी शेर या बाघ को नमक के लिए पत्थर चाटते हुए देखे।
2. शाकाहारी जानवरों का संघर्ष और उनके तरीके

असली चुनौती शाकाहारी जानवरों (Herbivores) जैसे हाथी, गाय, हिरण, जिराफ और बंदरों के सामने आती है। पेड़-पौधों में पोटैशियम तो भरपूर होता है, लेकिन सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है।
इस कमी को पूरा करने के लिए शाकाहारी जानवर बहुत ही अनोखे तरीके अपनाते हैं:
नेचुरल सॉल्ट लिक्स (Natural Salt Licks)
जंगल में कुछ विशेष स्थान होते हैं जहाँ की मिट्टी या चट्टानों में खनिज लवण (Mineral Salts) जमा होते हैं। इसे ‘सॉल्ट लिक’ (Salt Lick) कहा जाता है।
- जानवर अपनी सूंघने की शक्ति से इन जगहों को खोज लेते हैं।
- वे वहां जाकर घंटों तक चट्टानों या मिट्टी को चाटते हैं। इससे उनके शरीर में सोडियम, कैल्शियम, आयरन और जिंक की कमी पूरी होती है।
- यह जगह जंगल का ‘सोशल हब’ भी होती है जहाँ कई तरह के जानवर इकट्ठा होते हैं।
मिट्टी खाना (Geophagy)
कुछ जानवर, विशेषकर हाथी और तोते (Parrots), सीधे मिट्टी खाते हैं।
- हाथी: अफ्रीकी हाथी अपनी सूंड से गुफाओं को खोदकर नमक वाली मिट्टी निकालते हैं। केन्या की ‘माउंट एल्गन’ (Mount Elgon) की गुफाएं इसका प्रसिद्ध उदाहरण हैं, जहाँ हाथी नमक की तलाश में अंधेरी गुफाओं के अंदर चले जाते हैं।
- पक्षी: दक्षिण अमेरिका के अमेज़न वर्षावन में रंग-बिरंगे तोते (Macaws) नदी किनारे की मिट्टी (Clay licks) खाते हुए देखे जाते हैं। यह मिट्टी न केवल उन्हें सोडियम देती है, बल्कि उनके द्वारा खाए गए कुछ जहरीले बीजों (Toxic seeds) के असर को भी कम करती है।
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जलीय पौधे (Aquatic Plants)
मूस (Moose) जैसे जानवर, जो ठंडे इलाकों में रहते हैं, गर्मियों में तालाबों और झीलों में उतरकर पानी के नीचे उगने वाले पौधे खाते हैं। जलीय पौधों में ज़मीन पर उगने वाले पौधों की तुलना में 500 गुना अधिक सोडियम हो सकता है।
पसीना और मूत्र (Urine and Sweat)
यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और कुछ अन्य कीड़े अक्सर कछुओं या मगरमच्छों की आँखों से निकलने वाले आंसू पीते हैं। इसे “Lachryphagy” (आंसू पीना) कहते हैं। इसके अलावा, जंगल के कई जानवर दूसरे जानवरों के मूत्र (Urine) से भी लवण प्राप्त करने की कोशिश करते हैं क्योंकि मूत्र में शरीर से निकला हुआ अतिरिक्त नमक होता है।
3. पालतू पशुओं में नमक का प्रबंधन (Livestock Management)

जंगली जानवरों को तो खुद मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन पालतू जानवरों (जैसे गाय, भैंस, घोड़े, बकरी) की जिम्मेदारी उनके मालिकों पर होती है।
- नमक की ईंट (Salt Blocks/Mineral Licks): डेयरी फार्म या गौशाला में आपने अक्सर पशुओं की चरनी (Manger) में एक गुलाबी या सफेद रंग का पत्थर देखा होगा। यह संपीडित नमक (Compressed Salt) होता है। पशु अपनी जरूरत के हिसाब से इसे चाटते रहते हैं।
- पशु आहार में मिश्रण: आजकल आने वाले पैक्ड पशु आहार (Cattle Feed) में वैज्ञानिक तरीके से आयोडीन और नमक मिलाया जाता है ताकि दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन प्रभावित न हो।
जानवरों में नमक की कमी के लक्षण (Signs of Salt Deficiency)
अगर जानवरों को सही मात्रा में नमक न मिले, तो वे अजीब व्यवहार करने लगते हैं, जिसे Pica (पिका) कहा जाता है। इसमें शामिल हैं:
- लकड़ी, कपड़े या पत्थर चबाना।
- एक-दूसरे का पसीना चाटना।
- भूख कम लगना और वजन घटना।
- दूध देने वाले पशुओं में दूध की मात्रा का अचानक कम हो जाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या जंगली जानवर समुद्र का पानी पीकर नमक की कमी पूरी करते हैं?
Ans: आमतौर पर नहीं। समुद्र का पानी इतना खारा होता है कि यह जानवरों को डिहाइड्रेट (निर्जलित) कर सकता है। हालांकि, समुद्र किनारे रहने वाले कुछ जानवर खारे पानी के प्रति अनुकूलित (adapted) होते हैं, लेकिन ज्यादातर जानवर ताजे पानी और सॉल्ट लिक्स पर निर्भर रहते हैं।
Q2: सॉल्ट लिक (Salt Lick) क्या है?
Ans: यह एक प्राकृतिक जगह (चट्टान या मिट्टी का ढेर) होती है जहाँ खनिज लवणों का जमाव होता है। शाकाहारी जानवर यहाँ आकर मिट्टी या पत्थर चाटकर अपनी नमक की जरूरत पूरी करते हैं।
Q3: क्या मांसाहारी जानवर नमक खाते हैं?
Ans: वे अलग से नमक नहीं खाते। उन्हें अपने शिकार (शाकाहारी जानवरों) के मांस और खून से ही पर्याप्त सोडियम मिल जाता है।
Q4: गाय के आगे रखा जाने वाला गुलाबी पत्थर क्या होता है?
Ans: उसे ‘सेंधा नमक’ या ‘मिनरल ब्लॉक’ कहते हैं। यह विशेष रूप से पशुओं के लिए बनाया जाता है ताकि उनमें लवणों की कमी न हो।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रकृति का संतुलन अद्भुत है। अगर हम गहराई से देखें कि जानवर नमक कैसे खाते हैं, तो हम पाते हैं कि जहां मांसाहारी जीवो को भोजन के साथ ही नमक मिल जाता है, वहीं शाकाहारी जीवों को इसके लिए संघर्ष और खोज करनी पड़ती है। “साॅल्ट लिक्स” जंगल के इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल जानवरों को पोषण देते हैं, बल्कि शिकारी जानवरों को शिकार ढूंढने का मौका भी देते हैं, क्योंकि शाकाहारी जानवर वहाॅं इकट्ठा होते हैं।
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