भारत और दुनिया के कुछ सबसे दुर्लभ पेड़ पौधे: विलुप्त होती अनमोल विरासत

दुर्लभ पेड़ पौधे

प्रकृति ने मानव जाति को अनगिनत उपहार दिए हैं, जिनमें पेड़-पौधे हमारे अस्तित्व का आधार हैं। ये न केवल हमे ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि भोजन, औषधि, और जलवायु संतुलन में भी अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आज हमारी धरती से कई दुर्लभ पेड़ पौधे तेजी से गायब हो रहे हैं? … Read more

कैलिको क्रेफिश: मीठे पानी का अनोखा जलीय जीव और पर्यावरण पर इसका प्रभाव

कैलिको क्रेफिश - मीठे पानी का अनोखा जलीय जीव

कैलिको क्रेफिश मीठे पानी में पाई जाने वाली एक जलीय जीव प्रजाति है, जो अपने धब्बेदार शरीर और अनुकूलन क्षमता के लिए जानी जाती है। यह देखने में जितनी आकर्षक है, पर्यावरण के लिए उतनी ही संवेदनशील और कुछ क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण भी मानी जाती है। वन्यजीव और जलीय जीव संरक्षण के संदर्भ में कैलिको … Read more

कावेरी बेसिन में ऊदबिलाव संरक्षण पहल: तमिलनाडु सरकार की एक सराहनीय पर्यावरणीय पहल

कावेरी बेसिन में ऊदबिलाव संरक्षण पहल

तमिलनाडु: भारत में जैव विविधता लगातार मानवीय दबाव, जल प्रदूषण और प्राकृतिक आवासों के क्षरण के कारण खतरे में है। नदियाँ और आर्द्रभूमियाँ इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। इसी संदर्भ में तमिलनाडु सरकार ने कावेरी बेसिन में ऊदबिलाव संरक्षण पहल का अनावरण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया … Read more

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: इतिहास, प्रकृति और संरक्षण का संगम

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व

भारत में बाघ केवल एक वन्यजीव नही, बल्कि यह हमारी प्राकृतिक विरासत और जैव-विविधता का प्रतीक है। इसी विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से देशभर में कई टाइगर रिजर्व स्थापित किए गए हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का एक ऐसा ही महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है, जो न केवल बाघ संरक्षण के लिए … Read more

समुद्र में मिलते अनजान जीवों के रहस्यमय मामले

समुद्र में मिलते अनजान जीव

समुद्र पृथ्वी का सबसे रहस्यमय और अनदेखा हिस्सा है। वैज्ञानिक शोध के अनुसार आज भी महासागरों का लगभग 80% हिस्सा पूरी तरह खोजा नहीं गया है। समुद्र की गहराइयों में अंधेरा, अत्यधिक दबाव और ठंडा वातावरण ऐसे जीवों को जन्म देता है, जो देखने में किसी दूसरी दुनिया के प्राणी लगते हैं। समय-समय पर जब … Read more

अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस 2025: जगुआर संरक्षण का महत्व और हमारी जिम्मेदारी

अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस 2025

अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस हर साल 29 नवंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जगुआर-जो अमेरिका महाद्वीप की सबसे बड़ी जंगली बिल्ली है, के संरक्षण, उनके घटते आवास और पर्यावरणीय चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। जगुआर सिर्फ एक खूबसूरत वन्य जीव नहीं, बल्कि जंगलों की इकोलॉजिकल संतुलन को बनाए रखने वाली “छत्र प्रजाति” (Umbrella … Read more

अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस: पहाड़ों के दुर्लभ शिकारी की सुरक्षा का संकल्प

अंतरराष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस

हिम तेंदुआ (Snow Leopard) एशिया के उॅंचे-उॅंचे बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाला एक दुर्लभ जीव है। हिम तेंदुआ मुख्य रूप से 3000 मीटर से लेकर 5,200 मीटर ऊॅंचाई तक हिमालय और मध्य एशिया के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इस जानवर को अक्सर “पहाड़ों का भूत” कहा जाता है क्योंकि यह बहुत … Read more

भारत के संकटग्रस्त वन्यजीव और उन्हें बचाने के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयास

भारत के संकटग्रस्त वन्यजीव

भारत अपने समृद्ध जैव-विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन आज के समय में कई सारे वन्यजीव संकट में है। बाघ, गैंडा और हिम तेंदुआ जैसी प्रजातियाॅं आवास की कमी, अवैध शिकार और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं का सामना कर रही है। भारत के संकटग्रस्त वन्यजीव के संरक्षण के लिए सरकार ने … Read more

गैंडों के संरक्षण में भारत की सफलता: काजीरंगा नेशनल पार्क में 70% वैश्विक आबादी

काजीरंगा नेशनल पार्क

गैंडा एक ऐसा वन्यजीव है, जिसकी प्रजातियाॅं विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी थी। एशियाई गैंडा
(Rhinoceros unicornis) जिसे भारतीय गैंडा या एक सींग वाला गैंडा भी कहा जाता है, आज के समय में भारत की वन्यजीव संरक्षण नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण यह प्रजाति विलुप्ति की रेखा से बाहर है। भारत ने गैंडे को संरक्षित करने के लिए अनेक ठोस कदम उठाए और उनमें सबसे बड़ी सफलता काजीरंगा नेशनल पार्क में देखने को मिलती है। आज के समय में भारत के काजीरंगा नेशनल पार्क में दुनिया के लगभग 70% एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं, जो भारत की संरक्षण नीतियों की अद्भुत उपलब्धि को दर्शातें है।

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विश्व गैंडा दिवस 2025: इतिहास, महत्व और संरक्षण का संदेश

विश्व गैंडा दिवस 2025

विश्व गैंडा दिवस 2025: हर साल 22 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व गैंडा दिवस (World Rhino Day) मनाया जाता है।
यह दिवस गैंडों के संरक्षण, उनके अस्तित्व के महत्व और घटती संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समर्पित है। गैंडा पृथ्वी पर मौजूद सबसे प्राचीन और विशाल स्थलीय स्तनधारियों में से एक है, लेकिन आज के समय में इनका अस्तित्व संकट से गुजर रहा है। अवैध शिकार, सींग की तस्करी और घटते प्राकृतिक आवास के कारण गैंडों की पाँचों प्रजातियाँ खतरे में हैं।

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