जलवायु परिवर्तन और भारत पर इसका प्रभाव, जानिए इसके कारण, परिणाम और समाधान

जलवायु परिवर्तन का भारत पर असर

आज के समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के गंभीर समस्या से जूझ रही है। पृथ्वी का तापमान बढना, बर्फ का पिघलना, समुद्र का जल स्तर बढना, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं – यह सभी जलवायु में परीवर्तन होने के प्रमाण है। जलवायु परिवर्तन का भारत पर असर बढ़ रहा है जो भारत … Read more

जानिए गंगा नदी का धार्मिक और प्राकृतिक महत्व

गंगा नदी का महत्व

भारत में बहने वाली पवित्र नदियों में गंगा को सर्वोपरि माना जाता है। गंगा केवल एक नदी मात्र नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और जीवन का हिस्सा है। गंगा नदी को भारत में माॅं की तरह पूजा जाता है और इसे जीवन दयानी नदी भी कहा जाता है। गंगा नदी का … Read more

ग्लेशियर पिघलने के कारण और उससे होने वाले भयानक परिणाम

ग्लेशियर पिघलने के कारण और परिणाम

ग्लेशियर पृथ्वी पर जल के स्रोतों के रूप में जाने जाते हैं। इन्हें “धरती का फ्रिज” भी कहा जाता है क्योंकि यह बर्फ की विशाल चट्टानों के रूप में सदियों से जमे हुए हैं और नदियों का मुख्य जल स्रोत होते हैं। हिमालयन क्षेत्र की अधिकांश नदियाॅं जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना और सिंधु इन्ही ग्लेशियरो … Read more

गैंडों के संरक्षण में भारत की सफलता: काजीरंगा नेशनल पार्क में 70% वैश्विक आबादी

काजीरंगा नेशनल पार्क

गैंडा एक ऐसा वन्यजीव है, जिसकी प्रजातियाॅं विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी थी। एशियाई गैंडा
(Rhinoceros unicornis) जिसे भारतीय गैंडा या एक सींग वाला गैंडा भी कहा जाता है, आज के समय में भारत की वन्यजीव संरक्षण नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण यह प्रजाति विलुप्ति की रेखा से बाहर है। भारत ने गैंडे को संरक्षित करने के लिए अनेक ठोस कदम उठाए और उनमें सबसे बड़ी सफलता काजीरंगा नेशनल पार्क में देखने को मिलती है। आज के समय में भारत के काजीरंगा नेशनल पार्क में दुनिया के लगभग 70% एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं, जो भारत की संरक्षण नीतियों की अद्भुत उपलब्धि को दर्शातें है।

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विंध्याचल पर्वतमाला : भारत की ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक धरोहर

विंध्याचल पर्वतमाला

भारत अपनी विविध भौगोलिक संरचनाओ, सांस्कृतिक धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हिमालय, अरावली, सतपुड़ा और नीलगिरि जैसी पर्वतमालाएँ भारत की भौगोलिक पहचान का हिस्सा हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्वतमाला है विंध्याचल पर्वतमाला। यह पर्वत शृंखला केवल एक भौगोलिक इकाई ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पौराणिक परंपराओं और इतिहास का अहम अंग है। लगभग 1000 किलोमीटर तक फैली यह पर्वतमाला उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक तथा भौगोलिक रूप से जोड़ती है।

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विश्व गैंडा दिवस 2025: इतिहास, महत्व और संरक्षण का संदेश

विश्व गैंडा दिवस 2025

विश्व गैंडा दिवस 2025: हर साल 22 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व गैंडा दिवस (World Rhino Day) मनाया जाता है।
यह दिवस गैंडों के संरक्षण, उनके अस्तित्व के महत्व और घटती संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समर्पित है। गैंडा पृथ्वी पर मौजूद सबसे प्राचीन और विशाल स्थलीय स्तनधारियों में से एक है, लेकिन आज के समय में इनका अस्तित्व संकट से गुजर रहा है। अवैध शिकार, सींग की तस्करी और घटते प्राकृतिक आवास के कारण गैंडों की पाँचों प्रजातियाँ खतरे में हैं।

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अरावली पर्वतमाला: भारत की प्राचीन पर्वत श्रृंखला की अद्भुत धरोहर

अरावली पर्वतमाला

भारत विविध भौगोलिक संरचनाओ से समृद्ध देश है। यहां की पर्वत श्रृंखलाएं न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है बल्कि मानव सभ्यता, संस्कृति और इतिहास की साक्षी भी रही है। इन्हीं पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है अरावली पर्वतमाला (Aravalli Mountain Range), जिसे भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला माना जाता है। यह पर्वतमाला भौगोलिक, … Read more

भारत का सबसे बड़ा वन क्षेत्र वाला राज्य कौन सा है? पढ़ें पूरी जानकारी

भारत का सबसे बड़ा वन क्षेत्र

भारत अपनी भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक संपदा के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहाँ ऊँचे-ऊँचे पर्वत, विशाल नदियाँ, रेगिस्तान, उपजाऊ मैदान और घने वन पाए जाते हैं। भारत की जैव-विविधता (Biodiversity) को संरक्षित रखने में इसके वन क्षेत्रों का विशेष योगदान है। वन न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं बल्कि वन्यजीवों का … Read more

क्या अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे कोई और दुनिया है? जानें वैज्ञानिकों के चौंकाने वाले खुलासे

अंटार्कटिका महाद्वीप

अंटार्कटिका महाद्वीप पृथ्वी का सबसे ठंडा और रहस्यमयी स्थान है। अंटार्कटिका महाद्वीप दक्षिणी ध्रुव पर स्थित है और पूरी तरह से बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। यहाॅं का तापमान औसतन “माइनस -50 डिग्री सेल्सियस” से नीचे रहता है। दुनिया का सबसे बड़ा बर्फीला रेगिस्तान कहे जाने वाले अंटार्कटिका में इंसानी बस्ती नही … Read more

जिम कॉर्बेट कौन थे? : शिकारी से संरक्षणवादी बनने वाले भारत के वन्यजीव रक्षक

जिम कॉर्बेट वन्यजीव रक्षक

भारत की धरती ने ऐसे अनेक व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा की दिशा भी दिखाई। उन्ही में से एक थे जिम कॉर्बेट वन्यजीव रक्षक – एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने शिकारी के रूप में शुरुआत की, लेकिन आगे चलकर भारत में वन्यजीव संरक्षण की नींव … Read more