नई दिल्ली: 2026 फरवरी का महीना बीतते-बीतते एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। आज, 18 फरवरी को देश के कई हिस्सों, विशेषकर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में छिटपुट बारिश का दौर शुरू हो गया है।
दिल्ली-NCR: बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाज़ियाबाद में आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। आज का अधिकतम तापमान 22°C और न्यूनतम तापमान 13°C के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय आर्द्रता (Humidity) का स्तर 63% दर्ज किया गया, जिससे हवा में हल्की ठंडक और नमी महसूस की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज दिन के समय दिल्ली के कुछ हिस्सों में 60% तक बारिश की संभावना है। हालांकि, यह बारिश भारी नहीं होगी, लेकिन हल्की बूंदाबांदी से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। उत्तर-पूर्व दिशा से चलने वाली 7 mph की रफ्तार वाली हवाएं ठिठुरन को थोड़ा बढ़ा सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर पड़ रहा है। मनाली, शिमला और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन साथ ही प्रशासन ने भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन को लेकर चेतावनी भी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जा चुका है, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
मध्य और पश्चिम भारत की स्थिति
मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल में हल्की चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल और तमिलनाडु में मौसम शुष्क बना हुआ है और वहां तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मुंबई और कोंकण क्षेत्र में गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 32°C के पार पहुंच रहा है।
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खेती और स्वास्थ्य पर प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर कृषि पर पड़ने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की फसल के लिए यह हल्की बारिश और गिरता तापमान काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, जिन इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है, वहां सरसों और दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचने का डर भी बना हुआ है।
स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल इन्फेक्शन और सर्दी-जुकाम के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में खासकर बच्चों और बुजुर्गों के खान-पान और पहनावे का विशेष ध्यान रखें। सुबह और शाम की ठंडी हवाओं से बचाव जरूरी है।
हवाई और रेल यातायात पर असर
दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य शहरों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता (Visibility) प्रभावित हुई है। हालांकि, यह कोहरा बहुत घना नहीं है, फिर भी कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में देरी की खबरें सामने आई हैं। हवाई यातायात फिलहाल सामान्य बना हुआ है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें, क्योंकि खराब मौसम के कारण लैंडिंग में देरी हो सकती है। अगले 48 घंटों तक मौसम का यही रुख बने रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 फरवरी के बाद एक बार फिर आसमान साफ होगा और धूप निकलने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होगा, जो बसंत के आगमन का संकेत देगा।
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