देशभर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की वायु गुणवत्ता में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और फरीदाबाद के लोगों को जहरीली हवा से थोड़ी राहत मिली है, वहीं राजस्थान का श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया है। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का क्या है हाल।
श्रीगंगानगर की हवा सबसे जहरीली, ओजोन का खतरा बढ़ा
CPCB की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान का श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है। यहाँ का AQI 300 के स्तर पर पहुँच गया है, जो ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है। हालांकि, पिछले दिन के मुकाबले इसमें 12 अंकों का मामूली सुधार हुआ है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि श्रीगंगानगर की हवा में ओजोन (Ozone) प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित मानकों की तुलना में यहाँ प्रदूषण का स्तर लगभग 400 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
दिल्ली और फरीदाबाद वालों के लिए अच्छी खबर
प्रदूषण की मार झेलने वाले दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यह रिपोर्ट राहत लेकर आई है।
- दिल्ली: राजधानी के AQI में 62 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली का AQI 252 से घटकर 190 पर आ गया है।
- फरीदाबाद: यहाँ का AQI भी 213 से लुढ़ककर 188 पर पहुँच गया है।
इस सुधार के साथ इन दोनों प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी से निकलकर ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में आ गई है, जिससे लोगों ने खुली और कुछ हद तक साफ हवा में सांस ली है।
यूपी के 6 शहर ‘टॉप 10 प्रदूषित’ सूची में
प्रदूषण के मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति भी काफी चिंताजनक बनी हुई है। देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में अकेले यूपी के 6 शहर शामिल हैं। श्रीगंगानगर के बाद प्रदूषण के मामले में अन्य प्रमुख शहर इस प्रकार हैं:
- सिंगरौली (मध्य प्रदेश): 290 AQI के साथ दूसरे स्थान पर।
- मेरठ (उत्तर प्रदेश): 283 AQI के साथ तीसरे स्थान पर।
- मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश): 268 AQI के साथ चौथे स्थान पर।
इसके अलावा यूपी के गाजियाबाद, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा और बागपत में भी हवा की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।
तिरुवनंतपुरम देश का सबसे साफ शहर
जहां उत्तर भारत के कई शहर प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के शहरों में हवा काफी साफ है।
- केरल का तिरुवनंतपुरम महज 17 AQI के साथ देश का सबसे स्वच्छ और साफ हवा वाला शहर रहा।
- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (AQI 44) और चेन्नई (AQI 68) की हवा भी ‘अच्छी’ और ‘संतोषजनक’ श्रेणी में दर्ज की गई।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो श्रीगंगानगर की हवा तिरुवनंतपुरम के मुकाबले 17.6 गुना ज्यादा प्रदूषित है।
देशभर का विश्लेषण: 233 शहरों की रिपोर्ट
CPCB ने देशभर के कुल 233 शहरों के वायु गुणवत्ता आंकड़ों का विश्लेषण किया है, जिसके मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
- चिंताजनक स्थिति: देश के 44.2% शहरों में वायु गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है।
- संतोषजनक हवा: 41.2% शहरों में प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में है।
- पूरी तरह साफ: महज 14.6% शहर ही ऐसे हैं जहां की हवा को पूरी तरह से साफ या ‘गुड’ (Good) श्रेणी में रखा जा सकता है।
यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि PM2.5, PM10, और ओजोन प्रदूषण देश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहे हैं। हालांकि मौसम में बदलाव के कारण कुछ शहरों को राहत मिली है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता अभी भी बरकरार है।
इसे भी पढ़ें: भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वोत्तर और दक्षिण में भारी बारिश व आंधी-तूफान का अलर्ट
इसे भी पढ़ें: मौसम अपडेट 26 मई: कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत? जानें मौसम का ताजा हाल
